कैसे मैं CRPF Head Constable Ministerial के पद पर भर्ती हुआ ?

दोस्तों मैं CRPF में Head Constable Ministerial के पद पर वर्ष 2013 में भर्ती हुआ था। काफी लोग इस एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो उनको बताने के लिये कि आखिर कैसे में CRPF Head Constable Ministerial के पद पर भर्ती हुआ इस ब्लॉग को लिखा है। इस ब्लॉग में मैंने अपने साथ घटित हुई पूरी कहानी को लिखा है।

CRPF HCM

जब मैंने CRPF Head Constable Ministerial का फार्म भरा

तो दोस्तों बात है अक्टूबर 2012 की, उस समय मैं B.Sc. कंपलीट कर चुका था और PGDCA (Post Graduate Diploma in Computer Application) कर रहा था। मेरा एक दोस्त जिसका नाम शिवम है वह मेरे घर के पास ही रहता था उसने मुझे बताया कि CRPF में Head Constable Ministerial के पद पर भर्ती निकली हैं तुम फार्म डाल देना, मैंने उससे कहा यार मेरी तो न हाइट है और न ही चेस्ट है, मैं कैसे डाल सकता हूंं इसका फार्म, इसमें तो वही भर्ती होते हैं जिनकी लम्बी हाइट होती है, और जो हट्टे कट्टे होते हैं। उसने कहा नहीं ऐसा नहीं है इसमें 165 सेमी हाइट मांगी गयी है और सीना 77 सेमी मांगा गया है। मैंने पूंछा तुम डाल रहे हो क्या, वह बोला हां, तो फिर मैंने कहा कि मेरे लिये भी एक फार्म लेे ले मैं भी डाल देता हूं। उसने ही मेरे लिये फार्म लिया और उसी ने ही भरकर पोस्ट किया।

मैं तो इस फार्म को मन से डाला भी नहीं था क्योंकि मुझे लग रहा ता कि इसमे ंतो वही लोग भर्ती होते हैं जिनकी अच्छी खासी ब़ॉडी होती है। इसके साथ ही मेरे कुछ और दोस्तों ने भी इस फार्म को डाला उन दोस्तों के नाम हैं – मोना और नीरज। अब हमारे मोहल्ले में कुल चार लोगों ने इस फार्म को डाला था- मैं, मोना, शिवम, नीरज। आपको बताना चाहता हूं कि शिवम आज CRPF में Constable GD के पद पर श्रीनगर में तैनात है, मोना UP Police में Constable GD के पद पर झांसी में तैनात है और नीरज Lucknow में रोडवेज बस में नौकरी करता है। नीरज के हाथ की उंगली, गांव में चारा काटने वाली मशीन से कट जाने के कारण वह मेडीकल में अनफिट हो गया था इसलिये उसने फिर फोर्स में आने का मूड ही बदल दिया था।

जब मेरा फिजिकल के लिये कॉल लैटर आया

कुछ दिन बाद मेरे घर पर एक कॉल लैटर आया CRPF की तरफ से, लैटर को खोलकर देखा तो CRPF Head Constable Ministerial का फिजिकल के लिये कॉल लैटर था। मैंने तो सोच रखा था कि मैं नहीं जाऊंगा लोग हंसेंगे और मुझे देखकर बोलेंगे कि ये बच्चा कहां से आ गया, उस समय मेरी उम्र मात्र 19 वर्ष थी। कुछ दिन बाद मेरे दोस्त शिवम शाक्य का भी कॉल लेटर आ गया । हम दोनों लोगों का अलग अलग डेट में फिजिकल था। पहले उसके फिजिकल की डेट थी उसके बाद मेरी। तो शिवम तो चला गया फिजिकल देने के  लिये, जब दो दिन बाद मुझे वह मिला तो मैंने उससे बड़े ही उत्सुकता के साथ पूंछा कि भाई बता वहां क्या क्या हुआ तेरे साथ।

उसने बताया कि उसे चेस्ट फुलाने में फेल कर दिया गया, उसने 5 सेमी चेस्ट नहीं फुला पायी। उसने बताया पहले हाइट नापी गयी फिर सीना नापा गया फिर वजन नापा गया। मैंने कहा दौड़ नहीं लगवायी गयी। वह बोला नहीं इसमें दौड़ नहीं होती है तब मेरे दिल में एक बार तो लगा कि चलकर देखना चाहिए आखिर होता क्या है वहां। मैं उससे ऐसे ही पूंछता रहा तुम जब अन्दर गये तब क्या हुआ। उसने मुझे सबकुछ डिटेल में बताया जो कुछ भी उसके साथ हुआ था। अब मैं आपको अपनी कहानी बताता हूं कि मेरे साथ क्या क्या हुआ।

अब वह दिनांक भी आ गयी जिस दिन मेरा फिजिकल होना था। दिनांक थी 28 जनवरी 2013, मुझे यह डेट अभी भी याद है मैं इस डेट को कभी नहीं भूल सकता । मैं कभी भी अपने शहर इटावा से बाहर नहीं गया था। मैंने अपना ट्रेन में रिजर्वेशन पहले ही करवा लिया था । जब मैं रेलवे स्टेशन लखनऊ पहुंचा वहां से मैंने एक ऑटो किया उसने मुझे CRPF कैम्प लखनऊ छोड़ा। भाई उस समय क्या सर्दी पड़ रही थी मैं आपको बता नहीं सकता। ऑटो में सिकुड़ कर बैठा था । उस ऑटो में जितनी भी सवारी थी सभी भर्ती वाले लड़के थे ।

कैम्प के बाहर तो लड़को का मेला लगा था । कोई केले खा रहा था, कोई अपने मोबाइल में गाना सुन रहा था। सभी लड़के गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। कुछ लड़के वहां पर अपना बिस्तर लगाकर लेटे हुए थे।  मैंने भी 20 रुपये के केले लिये और खाये क्योंकि मुझे भूख लग रही थी। थोड़ी देर बाद वहां पर एनाउंसमेंट हुआ कि मोबाइल व अन्य सामान अन्दर लेकर नहीं जाना है। मेरे पास एक Nokia 5233 मोबाइल था मैंने यह मोबाइल नया ही खरीदा था 6000 रुपये का। वहीं पर कुछ दुकान वाले मोबाइल, बैग जमा कर रहे थे और 10 रुपये ले रहे थे और एक टोकन दे रहे थे। मैंने भी अपना मोबाइल स्विच ऑफ किया लेकिन सिम कार्ड व 16 जीबी का चिप नहीं हटाया।

ऐसे ही स्विच ऑफ करके लीड के साथ उस बैग में रखा और पूरा बैग उस दुकान वाले को जमा कर दिया। उसने मुझे एक टोकन भी दिया था जिस पर एक नम्बर लिखा था और मोबाइल का नाम लिखा था । बैग जमा करने के कुछ देर बाद लगभग 7 बजे के समय मैन गेट खुल गया और एंट्री होने लगी। हम लोग गेट के अंदर गये वहां पर हम सभी लोंगों को पहले जमीन पर बिठाया गया । गेट पर ही हम लोगों की गिनती हुई उसके बाद हम लोगों को एक सिपाही दौड़ाकर भर्ती ग्राउण़्ड में लेकर गया । वहां सभी लोगों से कुछ फार्म भरवाये जा रहे थे। मैंने भी फार्म भरा फिर हम लोगों के डॉक्युमेंट्स चैक हुए फिर हम लोगों का फिजिकल हुआ। एक अधिकारी हाइट नाप रहा था, फिर चेस्ट नाप रहा था और उसके बाद वजन वाली मशीन पर खड़े होने के लिये बोलता था फिर वह वजन लिखता था। काफी सारे लड़के लाइन में लगे अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, मैं भी अपनी बारी का इंतजार कर रहा था ।

मैं तो लडकों का सीना फुलाने की स्टाइल पर हस रहा था। कुछ लड़के ऐसे सीना फुला रहे थे जैसे कि नापने वाले की छाती पर ही चड़ जायेंगे। देखकर सभी लोग हंसने लगते थे। इंतजार करते करते दोपहर के 3 बज गये फिर मेरी बारी आयी और मेरा भी हाइट, वेट, चेस्ट नापा गया जिसमें मैं पास हो गया। फिर हमारे उसी कॉल लैटर पर एक मुहर लगा दी गयी जिस पर लिखा था कि आपका रिटिन एक्जाम 10 मार्च 2013 को काशीराम सांस्कृतिक स्थल लखनऊ में होगा। मैं बहुत ही खुश था कि मैं पास हो गया।

जब मेरा मोबाइल चोरी हुआ

अब मैं अपना कॉल लैटर लेकर कैम्पस के बाहर आया और अपना बैग उस दुकान वाले से मांगा उसने मुझसे टोकन मांगा। मैंने उसे टोकन दिखाया वह बैग निकाल कर लाया। मैंने बैग चैक किया उसमें से मेरा मोबाइल चोरी हो चुका था। मेरा मोबाइल उस दुकान वाले ने निकाल लिया था। मैंने उससे कहा कि इसमें मोबाइल कहां है वह बोला कौन सा मोबाइल मैंने कहा कि इसमें एक मोबाइल था Nokia 5233 टच स्क्रीन। मैंने उसको टोकन भी वापस देखने के लिये मांगा तब तक वह टोकन को फाड़ कर फेंक चुका था। मैं उस जगह पर अकेला था उसने बोला कि आपने मोबाइल रखा ही नहीं होगा। मैं काफी देर तक उसके साथ बहस करता रहा तब तक उसकी पत्नी आ गयी वह जोर जोर से चिल्लाकर मोहल्ले वालों को इकट्ठा करने लगी और बोली हम लोग यहां वर्षों से बैग जमा कर रहे हैं कभी भी ऐसी चोरी नहीं हुई और तुम हम लोगों पर चोरी का इल्जाम लगा रहे हो।

मैंने कहां जब मैं बैग जमा कर के गया था इसमें मोबाइल था लेकिन उसमें से लीड, मोबाइल, चिप सिमकार्ड सहित मोबाइल पूरा गायब था। बहुत देर तक बहस करने के बाद मुझे लगा कि चलना चाहिए कुछ फायदा नहीं होगा यहां आज तो मोबाइल गया हाथ से। मैं वहां से वापस रेलवे स्टेशन के लिये चल दिया। मेरे घर वाले सब परेशान हो रहे थे क्योंकि मेरा मोबाइल सुबह से स्विच ऑफ हो रखा था। मैं रेलवे स्टेशन पहुंच कर PCO से अपने पापा के पास फोन किया और बताया कि मेरा मोबाइल चोरी हो चुका है। मेरे पापा ने मुझसे कहा कि बेटा चिंता मत करो दूसरा दिलवा देंगे तुम ठीक हो बस इतना काफी है और मोबाइल ले लेंगे तुम सही सलामत घर आ जाओ, फिर स्टेशन पर जाकर मैंने जनरल डिब्बे की टिकट ली और वापस अपने घर चला आया।

आगे की कहानी पढ़ने केे  यहां क्लिक करें कैसे मैं CRPF Head Constable Ministerial के पद पर भर्ती हुआ ? Part-2

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