कैसे मैं CRPF Head Constable Ministerial के पद पर भर्ती हुआ ? Part-3

कैसे मैं CRPF Head Constable Ministerial के पद पर भर्ती हुआ ? Part-3 : अगर आपने मेरी कहानी का पहला एवं दूसरा पार्ट नहीं पढ़ा है तो यहां क्लिक करें-

कैसे मैं CRPF में भर्ती हुआ ? Part-1,

कैसे मैं CRPF में भर्ती हुआ ? Part-2

अब आगे……

CRPF Head Constable Ministerial

जब मेरा CRPF Head Constable Ministerial Typing का Admit Card आया

रिटिन एग्जाम देने के बाद हम लोग वापस अपने घर पर आ गये थे। फिर हम इंतजार करने लगे कि कब हमारा रिटिन का रिजल्ट आयेगा। हम तीनों लोग (मैं, मोना और नीरज) डेली टाइपिंग की प्रैक्टिस किया करते थे। मेरे घर पर कंप्यूटर नहीं था, और न ही मोना के पास कम्यूटर था और न ही नीरज के पास । हम तीनों लोगों ने एक कम्प्यूटर सेंटर ज्वाइन कर लिया था जो कि 300 रुपये प्रति माह टाइपिंग सिखाने के लेता था। मैं तो PGDCA कर रहा था तो मैं वहीं पर शुरुआत के 10-15 मिनट तक टाइपिंग की प्रैक्टिस किया करता था और कभी कभी साइबर कैफे चला जाता था जो कि 15 रुपये में एक घंटे के लिये कम्पूयटर देता था।

उस समय जियो जैसी सिमकार्ड नहीं थे और इंटरनेट भी इतना फ्री नहीं था। मैं तो उस समय बेरोजगार आदमी था। कभी कभी सब्जी वगैरह लाने में 15-20 रुपये बचा लिया करता था उससे ही मैं साइबर कैफे पर जाकर टाइपिंग की प्रैक्टिस किया करता था। मोना ने टाइपिंग की प्रैक्टिस को हल्के में लिया था उसका इंटरेस्ट ही नहीं था टाइपिंग में। नीरज और मैं हम दोनों लोग जी जान से टाइपिंग की प्रैक्टिस किया करते थे। मैं फेसबुक पर बहुत सारे ग्रुप में ज्वाइन हो रखा था और उससे ही भर्ती वाले लड़को के बीच में कनेक्ट था। हमेशा पूंछते रहते थे  कि कब हमारा रिटिन का रिजल्ट आयेगा।

आखिरकार सी.आर.पी.एफ की बेवसाइट पर एक दिन Answer key अपलोड कर दी गयी। हम लोगों ने अपने रिटिन की ओ.एम.आर शीट की कॉपी से आन्सर मिलाये, जिसमें मेरे 126 नम्बर बन रहे थे, और नीरज के 117 नम्बर बन रहे थे । मोना की ओ.एम.आर शीट की कॉपी ही खो गयी थी। इसलिये उसके नम्बर का पता नहीं चल पाया। कुछ दिन बाद ही टाइपिंग का एडमिट कार्ड भी अपलोड हो गया। हम लोगों ने अपने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड किये औऱ प्रिंट करवा कर रख लिये। सबसे पहले मोना की टाइपिंग थी, उसके बाद मेरी टाइपिंग थी जो कि 08 मई 2013 को होनी थी, और उसके बाद नीरज की टाइपिंग होनी थी।

मोना तो अपनी टाइपिंग देने चला गया लेकिन जब वह वापस आया तो मैंने पूंछा कि क्या हुआ, वह बोला कि टाइपिंग में फेल हो गया। फिर में काफी देर तक उससे पूंछता रहा कि और क्या क्या हुआ , वहां क्या क्या करवाया जाता है। आखिर मेरा भी CRPF Head Constable Ministerial टाइपिंग का दिन आ गया। दिनांक 08 मई 2013 को मैं टाइपिंग देने गया । कैम्प में पहुंचने के बाद मैंने देखा कि वहां पर काफी सारे लड़के फील्ड में बैठे हुए थे और 30-30 लड़के हर 20 मिनट बाद बुलाये जाते थे। वहां पर एक सिपाही बैठा था मैंने उससे पूंंछा कि सर कितने लड़कों की टाइपिंग होती है, वह बोले कि प्रतिदिन 300 कैन्डीडेट बुलाये जाते हैं जिसमें से एक या दो ही पास होते हैं। काफी देर तक इंतजार करने के बाद मेरा भी नम्बर आ गया।

मैं उस कमरे में गया जहां पर तीस कम्प्यूटर लगे हुए थे जिन पर टाइपिंग करवायी जा रही थी। वहां पर एक अधिकारी भी बैठा था जिसकी निगरानी में टाइपिंग हो रही थी। सबसे पहले हमें इंस्ट्रक्शन दिये गये कि कैसे टाइपिंग करना है। जब उसने स्टार्ट बोला तो सभी लोग खटपट खटपट लग गये कीबोर्ड में, मेरे हाथ कॉप रहे थे टाइपिंग करते वक्त। शुरुआत में तो मुझसे काफी सारे अक्षर गलत हो गये फिर मैं धीरे धीरे टाइप करने लगा। आपको बताना चाहता हूं कि घर पर मेरी स्पीड 50-55 वर्ड प्रति मिनट निकलती थी, जो कि मैं एम.एस. वर्ड पर कागज देखकर टाइप किया करता था। लेकिन यहां पर तो मेरे हाथ बुरी तरह से कांप रहे थे मुझे लगा कि आज तो मैं फेल होउंगा, लेकिन मैंने अपनी स्पीड को कंट्रोल किया, धीरे धीरे टाइपिंग करते करते मैंने काफी सारा मैटर टाइप कर दिया था तब तक देखा कि टाइम अप हो गया और कम्प्यूटर अपने आप ही रुक गया ।

कब 10 मिनट निकल गये मुझे तो बिल्कुल पता ही नहीं चला लेकिन जैसे ही टाइप अप हुआ था उस पर मेरी टाइपिंग स्पीड औऱ कितनी गलतियां की हैं सब लिख कर आ गया था। फिर सर ने बोला कि सभी लोग बाहर बैठो अभी रिजल्ट बताते हैं थोड़ी देर में। दस मिनट बाद हमारा रिजल्ट बताया गया जिसमें उन्होंने तीन लड़कों के नाम लिये । पहले जो दो लड़को के नाम लिये उनको बताया कि आपने 350 वर्ड से ज्यादा टाइप तो किया है लेकिन गलतियां आपने 450 से ज्यादा कर दीं इसलिये आप दोनो फेल हैं, फिर उसने मेरा नाम लिया और बोला कि केवल यही लड़का पास हुआ है जिसकी स्पीड निकली है 38.1 की और गलितयां की मात्र 9, मैं तो खुश हो गया था सभी लोग मेरी तरफ देख रहे थे।

सर ने बोला कि खाना वगैरह खा के आये हो मैंने कहा नहीं। वह बोले के अभी टाइम लगेगा तब तक खाना वगैरह खा लो और दुबारा आना अभी इंटरव्यू होगा । इतना बोलकर वह तो अपने काम में बिजी हो गये और सारे लड़को से बोल दिया ओके आप सभी लोगों को बेस्ट ऑफ लक फॉर नेक्स टाइम। हम सभी लोग बाहर की ओर आने लगे, और बहुत सारे लड़के मुझसे पूंछ रहे थे कि भाई कितने महीने प्रैक्टिस की थी, कहां पर टाइपिंग प्रैक्टिस किया करते थे, दुनिया भर के प्रश्न लोग मुझसे पूंछ रहे थे, मैंने सबका उत्तर दिया। फिर मैं खाना वगैरह खाकर वापस कैम्प में आ गया। जहां पर देखा कि वहां उस दिन कोई भी पास नहीं हुआ था केवल मुझे छोड़कर। वहां सर ने बताया कि लास्ट दो दिन से कोई पास नहीं हुआ आज तुमने खाता खोला है।

जब मेरा CRPF Head Constable Ministerial का इंटरव्यू हुआ

कुछ देर बाद मेरा CRPF Head Constable Ministerial इंटरव्यू हुआ। वहां पर चार अधिकारी बैठे थे उन्होंने मेरा इंटरव्यू लिया। इंटरव्यू में पहले तो मेरा नाम , पिता का नाम, घर के बारे में, आदि पूंछते रहे, फिर उन्होंने पढ़ाई से संबंधित कई सारे प्रश्न पूंछे जिनका विवरण निम्न प्रकार है

  1.  आवर्त सारणी किसने बनायी।
  2.  आवर्त सारणी में कितने तत्व होते हैं।
  3. लखनऊ किस नदी के किनारे बसा हुआ है।
  4. अगर आपको एक दिन के लिये मुख्यमंत्री बना दिया जाये तो सबसे पहले किस नेता को जेल भेजोगे।
  5. आपको पसंद क्या है। मैंने कहा कि गाने सुनना, वह बोला किस टाइप के गाने, मैंने कहा डीजे गाने।
  6. डीजे का फुल फार्म क्या होता है।
  7. इंटरनेट और इंटरानेट में अन्तर है।

और भी कई सारे प्रश्न पूंछे थे मैं तो सभी भूल गया। मुझे जितने प्रश्नों के उत्तर आते थे उनक जवाव तो मैं दे देता था और जो नहीं आते थे मैं सीधा बोलता था कि सर नहीं पता। ऐसे ही मेरा इंटरव्यू भी हो गया और मुझे पास कर दिया गया। मुझे बताया गया कि मेरा मेडीकल ग्रुप केन्द्र रामपुर में होगा जिसका एडमिट कार्ड नेट पर आयेगा। उन्होंने बोला कि अब आप जा सकते हो। मैं खुश होकर वापस अपने घर की ओर चल दिया और जनरल डिब्बे का टिकट लेकर वापस अपने घर को आ गया।

जब मेरा मेडीकल हुआ

जून महीने में मेरा CRPF Head Constable Ministerial का मेडीकल ग्रुप केन्द्र रामपुर में हुआ था। मुझे दिनांक याद नहीं है। वहां पर जाकर मैं मुरादाबाद में अपनी बुआ जी के घर पर रुका था और वहां से रामपुर पास में ही पड़ता है। मैं ट्रेन से सुबह चला जाता था । मेरा मेडीकल होने में तीन दिन लग गये, क्योंकि जो डॉक्टर मेडीकल कर रहा था वह बहुत ही स्लो था एक दिन में मात्र  लड़को का ही मेडीकल कर पाता था। खैर तीसरे दिन मेरा मेडीकल हुआ जहां पर मेरा ब्लड टेस्ट लिया गया, एक्सरे लिया गया, ई.सी.जी लिया गया, आंख, कान नाक सब चैक किया गया यहां तक कि मेराफऱफ प्राइवेट पार्ट को भी चैक किया गया। मैं सारे टेस्ट में पास हो गया और वहां से मुझे मेडीकल में पास कर दिया गया। मैं खुश होकर घर वापस आ गया। अब मैं मेरिट का इंतजार करने लगा। कुछ दिन बाद ही मेरिट भी आ गयी। जिसमें मेरा नाम आ गया। वर्ष  2013 में जनरल की मेरिट 154, ओ.बी.सी. 139 गयी थी। जिसमें मैं पास हो गया था और मेरे घरवाले सभी लोग खुश थे। अब मैं अपने ज्वाइनिंग लैटर का इंतजार करने लगा। नवम्बर लास्ट में मेरा ज्वाइनिंग लैटर आया, फिर मैंने दिसम्बर 2013 में CRPF Head Constable Ministerial के पद पर ज्वाइन किया।

आगे की कहानी पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें मेरा सी.आर.पी.एफ में ज्वाईनिंग का पहला दिन

दोस्तों ये था मेरी CRPF Head Constable Ministerial में नौकरी लगने तक का सफर , ये मेरे जीवन की असली कहानी है जो कि मेरे साथ घटित हुई थी। आपको ये कहानी कैसी लगी नीचे कमेंट करके हमें बताइयें।

जय हिंद।

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