CRPF HCM JOINING के कितने दिन बाद Training के लिये भेजा जायेगा ?

जब आप लोगों के साथ के सभी लोग दिये गये Joining date में Join कर लेते हैं तो आपको लगभग एक महीने तक ग्रुप सेंटर में रखा जायेगा। जब आपके साथ के सभी लोग दी गयी ज्वाइनिंग डेट तक ज्वाइन कर लेते हैं तो उसके बाद आप सभी को एक CRPF Training Center में भेजा जायेगा। CRPF में कितने ट्रेनिंग सेंटर हैं इस बारे में एक पोस्ट लिख चुका हूं अगर आपने उस पोस्ट को अभी तक नहीं पढ़ा तो आगे दिये गये लिंक पर क्लिक करके उसे आप पढ़ सकते हैं CRPF HCM की ट्रेनिंग कहां कहां होती है ? ग्रुप सेंटर से भेजी गयी सभी उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग दिये गये टाइम में ही ज्वाइन करना होता है यदि कोई उम्मीदवार दिये गये समय में ज्वाइन नहीं करता है तो उसे दूसरा मौका नहीं दिया जायेगा। जरूरी नहीं है कि आपकी ट्रेनिंग तुरंत ज्वाइन करने के बाद ही शुरू हो जाये। यह भी देखना होता है कि कौन कौन से ट्रेनिंग सेंटर खाली हैं, किस ट्रेनिंग सेंटर पर कम लड़के ट्रेनिंग कर रहे हैं, जहां पर आपको भी ट्रेनिंग के लिये भेजा जा सके। हालांकि यह सभी ऑफिस का कार्य होता है इससे आपको कोई मतलब नहीं होगा। जो ट्रेनिंग सेंटर खाली होगा या जहां पर कम लड़के होंगे उसी ट्रेनिंग सेंटर पर आपकी ट्रेनिंग हो सकती है। क्योंकि ज्यादातर ट्रेनिंग सेंटर भरे ही रहते हैं कोई न कोई ट्रेनिंग चलती ही रहती है। यदि कोई ट्रेनिंग सैटंर खाली नहीं मिलता है तो आपकी ट्रेनिंग दो या तीन महीने बाद होगी । कभी कभी तो यह ट्रेनिंग 6 महीने बाद भी होती है। इसका कारण यह होता है कि लड़के कम होते हैं ।

CRPF HCM TRAINING

 

Training कितने दिन की होगी ?

इसकी ट्रेनिंग सेक्टर वाइज होती है इसमें दो या तीन सेक्टर को मिलाकर ट्रेनिंग के लिये एक ट्रेनिंग सेंटर में भेजा जायेगा जिसमें आपके साथ लगभग 100 या 200 लड़के रहते हैं। ट्रेनिंग लगभग 5 से 6 महीने की होगी। पहले यह ट्रेनिंग तीन महीने की हुआ करती थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5 से 6 महीने तक का कर दिया गया है उसका मैन कारण यही है कि Ministerial staff का चाल चलन अधिकारियों को ठीक नहीं लगा। Ministerial staff वालों का सैल्यूट ठीक नहीं था और भी अनुशासन में कमी थी। इसलिये अधिकारियों को लगा कि हम लोग फोर्स में हैं तो हमें भी ट्रेनिंग में सब कुछ सिखाया जाना चाहिए, इसलिये हमारी ट्रेनिंग को बढ़ाकर 5 से 6 महीने तक का कर दिया गया।

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Familiarzation Training  क्या होता है ?

CRPF HCM Training Center भेजने से पहले आपकी ग्रुप केन्द्र में ही Familiarization Training होगी जो कि लगभग 1 सप्ताह की होती है। इस ट्रेनिंग में आपको ऑफिस के कार्यों के बारे में बताया जाता है। कौन सी टेबल पर कौन कौन से कार्य किये जाते हैं उन सब के बारे में जानकारी बतायी जाती है। टी.ए. कैसे भरना होता है और उसके बिल कैसे बनते हैं, किसी जवान का पैसा नहीं मिला तो उसका एरियर कैसे बनाते हैं, किसी को एच.आर.ए नहीं मिला, डाक को कहां और कैसे भेजना होता है, या डाक किसी अन्य कार्यालय से आयी है तो उसे कहां पर इंद्राज करना है किस रजिस्टर में चढ़ाना है आदि ऐसे कार्यों के बारे में डिटेल में बताया जाता है, इसे ही Familiarization Training कहते हैं।  Familiarization Training में आपको ऑफिस से संबंधित सभी जानकारियों के बारे में बता दिया जायेगा जिससे कि जब आप अपनी बटालियन में जायें तो वहां पर आपको कुछ समझने में कोई दिक्कत न हो।

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CRPF HC (Min) Training के दौरान छुट्टी मिल सकती है क्या ?

वैसे तो ट्रेनिंग के दौरान छुट्टी नहीं मिलती है ऐसा आपके ज्वाइनिंग लैटर में भी लिखा होगा लेकिन कुछ परिस्थितियों को देखते हुए आपको छुट्टी दी जा सकती है वह भी दो या तीन दिन के लिये बस इससे ज्यादा नहीं। यदि आपका कोई पेपर है तो पेपर के लिये छुट्टी मिलना मुश्किल है हां यदि पेपर रविवार के दिन पड़ता है तो कुछ चांस है छुट्टी मिलने का । इसमें आकस्मिक अवकाश छुट्टी मिल सकती है जिसे हम Casual Leave या CL भी बोलते हैं। इसमें Earn Leave नहीं मिलता है। ट्रेनिंग के दौरान आपको आकस्मिक अवकाश ही दिया जा सकता है। दूसरा कारण छुट्टी मिलने का यह है कि यदि आपके घर में कोई अनहोनी घटना या कोई आकस्मिक अर्जेंट कार्य पड़ जाता है तो उस केस में भी आपको एक या दो दिन के लिये छुट्टी छोड़ा जा सकता है। यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि आपको छुट्टी दे ही दी जाये क्योंकि एक दिन की छुट्टी देने का मतलब है कि आपका ट्रेनिंग का उस दिन का लैक्चर मिस कर देना। इसलिये ट्रेनिंग के दौरान छुट्टी बहुत ही कम छोडते हैं।

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CRPF HC (Min) Training के बाद कितने दिन की छुट्टी ले सकते हैं ?

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आप बारास्ता एक महीने तक की छुट्टी ले सकते हैं यानि कि पहले आप घर पर जाना  उसके बाद अपनी बटालियन में। जब तक आपकी ट्रेनिंग पूरी नहीं हो जाती यानि की आप शपथ नहीं ले लेते हैं तब तक आपको छुट्टी देना मुश्किल है। एक बार आप शपथ ले लोगे उसके बाद आप बारास्ता छुट्टी ले सकते हैं 30 दिन तक की या इससे कम की भी। ज्यादातर सभी लोग एक महीने की छुट्टी लेते हैं क्योंकि सभी चाहते हैं कि घर जाऊं। इसका मैन कारण यह है कि 6 महीने तक तो हमारी ट्रेनिंग ही चलेगी और हम 6 महीने बाद अपने घर को जा रहे होते हैं। जब हम घर को जा रहे होते हैं तब जो आनंद आता है वह लिखित रूप में नहीं बता सकता। यह केवल उसी समय महसूस किया जा सकता है। जो लोग श्रीनगर में पोस्टेड होते हैं या जिनकी ट्रेनिंग श्रीनगर में होती है उनसे पूंछना कि छुट्टी मिलने वाली रात को नींद नहीं आती है। वह हमेशा घर जाने की सोचता रहता है। खैर ट्रेनिंग पूरी के बाद लगभग 1 महीने तक की छुट्टी ले सकते हैं। यह छुट्टी वह अधिकारी स्वीकृत करता है जहां आपकी पोस्टिंग होती है। जैसे मान लो आपकी पोस्टिंग किसी बटालियन में हुई है और ट्रेनिंग आपकी श्रीनगर में हो रही है और आप यदि छुट्टी की एप्लीकेशन देते हैं तो उस ट्रेनिंग सेंटर का अधिकारी आपकी एप्लीकेशन को आपकी बटालियन में भेजेगा और वहां से अगर आपका कमाण्डेंट चाहे तो छुट्टी दे सकता है। जब तक आपकी बटालिनय का कमाण्डेंट छुट्टी स्वीकृत नहीं करता है तब तक आपको छुट्टी नहीं छोड़ा जायेगा। आपको कौन सी बटालियन में पोस्ट किया गया है कि इसकी जानकारी आपको ज्वाइनिंग के समय दे दी जायेगी।

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यदि छुट्टी न मिले और आप अपने घर चले जायें तो क्या होगा ?

आप छुट्टी के लिये एप्लीकेन देते हैं और यदि आपकी छुट्टी स्वीकृत न की जाये तो जाहिर सी बात है कि आपका नौकरी करने में मन नहीं लगेगा। यदि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी आपको छुट्टी नहीं मिलती है तो आपको बताया जायेगा कि आपकी ट्रेनिंग कंपलीट हो चुकी है आप सीधे अपनी बटालियन में रिपोर्ट करेंगे लेकिन कुछ लोग अपनी बटालियन में न जाकर एक दो दिन अपने घर चले जाते हैं। ऐसा करने से आपका सर्विस रिकॉर्ड खराब होता है। हो सकता है कि आपको भगोड़ा घोषित कर दिया जाये और नौकरी से भी डिसमिस किया जा सकता है क्योंकि यह एक अधिकारी द्वारा दिये गये आदेश का उलंघन होता है और अनुशासन के खिलाफ होता है। इसलिये आपको यदि छुट्टी नहीं मिलती है तो कोई बात नहीं अपनी बटालियन में जाकर अपने कमाण्डेंट साहब से बात कर लेना, छुट्टी जरूर मिल जायेगी लेकिन इस तरह से भाग कर अपने घर को चले आना यह ठीक नहीं होता है। यदि ज्यादा छुट्टी लेने का मन हो तो वह दिन याद कर लेना जब तुम नौकरी के लिये एप्लाई करते थे, तब तो तुम सोचते थे कि बस कहीं नौकरी मिल जाये हमें अगर बॉर्डर पर भी लगायेगा तो हम चले जायेंगे बस यहां से कहीं निकल जायें और जब आज आपको घर नहीं जाने दे रहा है तो आपका नौकरी में मन नहीं लगता है। यदि आप अपने घर पर रुकने के बाद अपनी बटालियन में रिपोर्ट करते हो तो इसके OSL बोला जाता है यानि की Over Stay from Leave . यह एक तरह की सजा होती है यदि आप अपनी ड्यूटी से OSL  होते हैं तो आपका कमाण्डेंट आपको कड़ी से कड़ी सजा दे सकता है जिसको आपकी सर्विस बुक में भी इंद्राज किया जाता है जिसका प्रभाव आपके प्रमोशन पड़ता है औऱ आपका प्रमोशन रुक जाता है। इसलिये आप कभी भी अपनी ड्यूटी से गैर हाजिर  न हों।

 

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