CRPF HEAD CONSTABLE MINISTERIAL MEDICAL

CRPF Head Constable Ministerial Medical में बहुत सारे लोगो को रिजक्ट कर दिया जाता है उसका कारण क्या है इसी के बारे में इस ब्लॉग में बताया गया है। ज्यादातर उम्मीदवार इसलिये रिजेक्ट होते हैं क्योंकि उन्हें जानकारी ही नहीं होती है कि आखिर वहां पर क्या क्या चैक किया जाता है।

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर आज मैं आपको बताता हूं कि CRPF में हवलदार मंत्रालय के मेडिकल में क्या-क्या चेक किया जाता है क्योंकि बहुत सारे लोग मेडिकल में अनफिट हो जाते हैं इनको पता ही नहीं होता है कि आखिर में उन्हें क्या क्या करना चाहिए। CRPF Head Constable Ministerial Medical के मेडीकल में निम्नलिखित टेस्ट लिये जाते हैं –

Eye Sight

CRPF Head Constable Ministerial Medical में सबसे पहले जो चेक होता है वह है आपकी आंखें। आपकी आंख कान नाक गला ऐसे ही टॉर्च लगा कर चेक कर लिया जाता है उसके बाद इनको थोड़ी गहराई से भी चेक किया जाता है। वहां पर एक डॉक्टर नियुक्त किया जाता है जो की बहुत ही हाई लेवल का डॉक्टर होता है MBBS किया हुआ, वही हम सभी लोगों का  मेडिकल करता है सबसे पहले डॉक्टर आंखों को चेक करता है जिसके लिए वह टॉर्च लगाकर देखता है आंखों में कोई गंदगी वगैरा तो नहीं है उसके बाद एक बोर्ड पर कुछ अक्षर लिखे हुए होते हैं उन अक्षरों को पढ़ाया जाता है बोर्ड पर जो अक्षर लिखे हुए हुए होते हैं वह शुरुआत में तो बड़ी लिखावट में लिखे होते हैं उसके बाद धीरे-धीरे छोटे-छोटे अल्फाबेट होने लगते हैं लगभग 10 कदम की दूरी से आपसे वह बोर्ड पढ़वाया जाएगा जिसकी आई साइट ठीक है वह तो उन अक्षरों को पढ़ देगा लेकिन जिस की आई साइड वीक है/ कमजोर है उसको अक्षरों को पढ़ने में थोड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ता है क्योंकि उस बोर्ड पर ऊपरी साइड में जो अक्षर लिखे हुए होते हैं वह थोड़ा बड़े बड़े रहते हैं तो पढ़ने में आसानी होती है लेकिन उसके बाद धीरे धीरे धीरे बिल्कुल छोटे होते चले जाते हैं तो अक्सर दिखाई नहीं देते हैं । उसके बाद एक किताब पढ़ायी जाएगी जिससे  कलर ब्लाइंडनेस चेक किया जाता है। कलर ब्लाइंडनेस क्या होता है इसमें आदमी रंगों में अंतर नहीं कर पाता है मतलब उसको लाल कलर भी काला दिखाई देता है तो ऐसी बीमारी जन्मजात होती है और यह बीमारी ठीक नहीं होती कोई भी डॉक्टर इस बीमारी को ठीक नहीं कर सकता।  जो किताब होती है उसमें बहुत सारे अक्षर रैंडम वे में लिखे रहते हैं जैसे 50, 76, 52, 15 इस तरह से काफी अच्छर लिखे रहते हैं तो वह डॉक्टर उस किताब का पेज पर पलटता रहता है और आप से बोलता रहेगा कि पढ़ते जाओ तो आप को उन अक्षरों को पढ़ना होता है अब इससे होता क्या है जिस व्यक्ति को कलर ब्लाइंडनेस होता है वह उन अक्षरों को नहीं पढ़ पाता क्योंकि वह अक्षर रंगों के रंगों के बीच में लिखा हुआ होता है इसलिए थोड़ा पढ़ने में दिक्कत होती है शुरुआत में तो सभी पढ़ देते हैं लेकिन बाद में जैसे-जैसे डॉक्टर किताब का पेज पलटता जाएगा वैसे ही वैसे रंगों का जो परसेंटेज है वह बढ़ता जाएगा और अक्षर जो बना हुआ होता है उसका डेंसिटी कम होता जाता है मतलब समझ में नहीं आता है कि क्या लिखा हुआ है।  कलर ब्लाइंडनेस से संबंधित चित्र कैसे होते हैं वह मैं नीचे आपको दिखा रहा हूं अगर यदि आप अच्छे से पढ़ लेते हैं तो आप समझिए कि आप ठीक है और यदि आपको पढ़ने में थोड़ा सा भी प्रॉब्लम होती है कि आपकी प्रॉब्लम है और आप मेडिकल अनफिट हो सकते हैं।

 

CRPF HEAD CONSTABLE MINISTERIAL MEDICAL

Teeth 

CRPF Head Constable Ministerial Medical के मेडीकल चैकअप में आपके दांत टूटे नहीं होने चाहिए पूरे दांत अच्छे क्रम में साफ सुथरे होने चाहिए।  डॉक्टर  आपके मुंह के अंदर दांतों को चैक करता है यदि आप गुटखा पान मसाला तंबाकू इत्यादि खाते हैं तो इनको आज से ही छोड़ दीजिए क्योंकि डॉक्टर तुरंत पता लगा लेता है कि आप क्या क्या खाते हैं। आपके दांत टेढ़े मेढ़े नहीं होने चाहिए एवं कोई भी दांत टूटा हुआ नहीं होना चाहिए।

Operation/ Surgery

अगला जो पॉइंट है वह है सर्जरी का इसमें डॉक्टर आपके शरीर को पूरा चेक करता है कि कहीं आपको कोई चोट या ऑपरेशन का निशान तो नहीं है।  यदि डॉक्टर को कोई ऐसी चिन्ह आपके शरीर में मिलता है जिससे कि उसे पता लगे कि हां आप का ऑपरेशन हुआ है तो वह आप से पूछेगा कि यह चोट कैसे लगी कैसे ऑपरेशन हुआ था तो आपको वहां पर बिल्कुल सही सही बताना है कोई भी बात छुपाना नहीं है क्योंकि डॉक्टर वह देख कर ही पता लगा लेता है कि किस चीज का ऑपरेशन हुआ है। ऑपरेशन होने से डॉक्टर आप को रिजेक्ट तो नहीं करता है लेकिन हां यदि डॉक्टर को लगता है कि अगर आपके शरीर के अंदर सरिया बगैरह डाला गया है तो ऐसे केस में डॉक्टर आप को रिजेक्ट कर देगा और छोटे मोटे ऑपरेशन के लिए डॉक्टर आप को रिजेक्ट नहीं करता है क्योंकि आज के जमाने में किसी न किसी को छोटी मोटी चोट तो खेलकूद में लग ही जाती है।

Weight

CRPF HC (Min.) Medical में अगला टेस्ट होता है वेट यानिकि वजन का । इसमें डॉक्टर आपका वजन चेक करता है आपका वजन लंबाई एवं उम्र के अनुसार होना चाहिए।  इसमें ज्यादा वजन वाले लड़कों को रिजेक्ट कर दिया जाता है इसलिए उतना ही खाया करो जितना कि वजन ठीक ठाक बना रहे। ज्यादा वजन बढ़ाने से कोई फायदा नहीं है जिन लड़कों का वजन ज्यादा होता है उनको वहां पर रिजेक्ट कर दिया जाता है और जो लड़के वजन को कंट्रोल कर लेते हैं उनको पास कर दिया जाता है।  2-3 kg ओवर वेट तो चल जाता है लेकिन जिसका 5 केजी 8 केजी 10 केजी ओवर वेट है उनको रिजेक्ट कर देते हैं। यदि आपको डॉक्टर रिजेक्ट कर देता है ओवरवेट में तो आपके पास एक ही ऑप्शन रहता है कि आप अपील कर सकते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपको वजन कम करने का मौका दिया जाये  तो आपको री मेडिकल दे दिया जाएगा वहां पर आपको 1 महीने का समय दिया जाएगा जिसमें आपको बताया जाएगा कि आप अपने वजन को कंट्रोल कर के दुबारा आ सकते हैं। फोर्स की तैयारी करने वाले लोग थोड़ा फिजिकल वगैरह करते रहा करें जिससे कि वजन कंट्रोल में रहे। आपका  वजन हाइट एवं उम्र के  अनुसार होना चाहिए इसके लिए एक वजन चार्ट होता है जिसमें जिसमें लिखा रहता है कि आप का उम्र के हिसाब से और आपका हाइट के हिसाब से कितना वजन होना चाहिए।

Blood Pressure (B.P)

CRPF HC Min. Medical में अगला जो पॉइंट आता है वह होता है ब्लड प्रेशर यानि रक्तचाप का। इसमें डॉक्टर आपका ब्लड प्रेशर चेक करता है यदि आपका ब्लड प्रेशर हाई है तो यह समस्या का विषय है। जिन कैंडीडेट्स का ब्लड प्रेशर हाई रहता है उनको डॉक्टर रिजेक्ट कर देता है इसमें भी आप रीमेडिकल के लिये अपील कर सकते हैं। ब्लड प्रैसर कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है। आज के समय में यह एक सामान्य समस्या है और लगभग प्रत्येक व्यक्त में देखने को मिलती है। इसको कंट्रोल करने के लिये आपको खाने पर ध्यान देना होगा तथा नियमित रुप से अपने फिजिकल पर ध्यान देना होगा। आपको रोज सुबह थोड़ी रनिंग करनी चाहिए जिससे कि आपकी फिजिकल फिटनेस सही बनी रहे एवं आप रोगमुक्त रहें।

Electro Cardio Graphic (E.C.G)

CRPF HC(min) Medical में अगला टेस्ट होता होता है वह है इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी का। इसमें आपके दिल की धड़कन का पता लगाया जाता है इसमें आपके हृदय की गति 72 बार से अधिक नहीं धड़कनी  चाहिए । बहुत से लड़कों को घबराहट हो जाती है तो उनकी हार्टबीट 80, 85, 90, 120 तक पहुंच जाती है जो कि ठीक नहीं होती है। यदि आपकी हर्टबीट एक मिनट में 72 बार से अधिक बार धड़कता है तो डॉक्टर आपको पानी पीने के लिये बोलेगा और बोलेगा कि घबराइये नहीं , कुछ नहीं होगा, क्योंकि बहुत से लोग उसके तारों को देखकर थोड़ा डर जाते हैं। जैसा कि फिल्मों में दिखाया जाता है वैसे ही आपके शरीर पर तार लगाये जाते हैं जिसकी रीडिंग कंप्यूटर स्क्रीन पर चलती रहती है। कुछ डॉक्टर थोड़ी हर्टबीट बढ़ने पर ही रिजेक्ट कर देते हैं लेकिन कुछ डॉक्टर आपको बार बार मौका देते हैं और बोलते हैं कि बेटा घबराइये नहीं। इस प्रकार आपका ई.सी.जी टेस्ट भी हो जाता है। ध्यान रहे कि इसमें आपकी हर्टबीट 72 बार से अधिक नहीं धड़कनी चाहिए, हां थोड़ी बहुत ऊपर नीचे हो सकती है तो चल जायेगा लेकिन अगर हर्टबीट ज्यादा जायेगी तो रिजेक्ट कर दिया जायेगा।

 

CRPF HEAD CONSTABLE MINISTERIAL MEDICAL

Blood Test

CRPF Head Constable Medical में उम्मीदवार के खून का सैम्पल लिया जाता है जिसको लैब में भेजा जाता है जिसकी रिपोर्ट अगले दिन आती है उसमें सब पता चल जाता है कि आपका हीमोग्लोबिन कितना है, एच.आई.वी. है या नहीं और भी बहुत सी जानकारी मिल जाती है। इसके लिये आपको डॉक्टर अगले दिन बुलायेगा और कहेगा कि बिना खाना खाये हुए ही ब्लड देना है अगर आप खाना खा चुके हैं तो कल देना। डॉक्टर ब्लड टेस्ट खाली पेट ही करता है उसमें जांच एकदम सही होती है। अगर आप खाना खाकर ब्लड टेस्ट देते हैं तो उसमें सही सही जानकारी नहीं मिल पाती है।

Urine Test 

CRPF HC ministerial Medical में ब्लड टेस्ट होने के बाद आपको डॉक्टर एक छोटी प्लास्टिक की शीशी देता है जिसमें आपको अपनी पेशाब भर के लाना होता है। यह टेस्ट शुगर टेस्ट के लिये चैक किया जाता है कि आपको शुगर तो नहीं है। उस छोटी सी बोतल को आपको बाथरूम में लेकर जाना होगा और वहां पर उस शीशी मे अपना मूत्र भर कर लाना होगा जिसमें डॉक्टर पहले ही एक स्लिप लगा देता है औऱ उस स्लिप में आपका नाम लिख देता है। यह टेस्ट महिलाओं के लिये भी होता है लेकिन उनका यह टेस्ट गर्भवस्था को देखने के लिये भी किया जाता है।

X-Ray

CRPF Head Constable Ministerial Medical में इसके बाद आपका एक्सरे टेस्ट भी लिया जायेगा। वहां पर आपको एक रूम में ले जाया जायेगा जहां पर एक्सरे मशीन रखी रहती है। वहां पर आपको अपने शरीर का एक्स रे टेस्ट देना होगा जिसकी रिपोर्ट अगले दिन आती है। एक्स रे करने का जो मुख्य कारण होता है वह यही होता है कि कहीं आपकी हड्डी टूटी तो नहीं है, कहीं कोई फ्रैक्चर तो नहीं है। अगले दिन रिपोर्ट आने के बाद आप अपना एक्स रे देख सकते हैं।

Arms, Legs and Flat foot

CRPF Head Constable Ministerial Medical में इसके बाद आपके हाथ पैर एवं पंजों का टैस्ट किया जाता है। आपके हाथ पैर टेढ़े मेढ़े नहीं होने चाहिए। इसके लिये डॉक्टर आपके हाथों को सामने से उठाने के लिये बोलेगा फिर उसके बाद आपको थोड़ी देर तक जम्प करवायेगा फिर बोलेगा कि सभी लोग एड़ी पर खड़े हो जायें फिर आपको एक पैर पर खड़े होने के लिये बोलेगा, ऐसे वह डॉक्टर हाथ पैर की जांच करता है। इसमें पैर के घुटनों को भी चैक किया जाता है। आपके घुटने आपस में मिलने नहीं चाहिए। बहुत से लोगों के पैर के घुटने आपस में मिल जाते हैं । यदि आपके घुटने आपस में मिल जाते हैं तो आपको रिजेक्ट किया जा सकता है। ऐसा ठीक किया जा सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि घुटनों को दूर करने के लिये आपको नियमित रूप से एक्सरसााइज करनी होगी। इसके बाद आपको पानी से भरे टब में पैर भिगोने के लिये बोला जायेगा और सूखी जमीन पर चलवाया जायेगा जहां पर आपके पैरा की प्रिंट उस जमीन पर पड़ सके, ऐसा करने से आपके पंजों की फ्लैट होने की जानकारी मिलती है। हांलांकि डॉक्टर देख कर ही पता लगा लेता है कि आपका पैर फ्लैट है या नहीं। यदि आपका पैर फ्लैट है तो आपको रिजेक्ट किया जा सकता है।

Private Part Test (गुप्तांग टेस्ट)

CRPF Head Constable Ministerial Medical में उपरोक्त सभी टेस्ट हो जाने के बाद आपका एक टेस्ट होता है, आपके गुप्तांग का । इसके बारे में सभी लोग पता नहीं क्या क्या सोचते रहते हैं। इसमें कुछ नहीं होता है डॉक्टर एक रूम में ले जाता है उस रूम में आपको अपने शरीर के पूरे कपड़े उतारने होते हैं, (जी हां सही सोच रहे हो चड्डी भी) वहां पर डॉक्टर आपके गुप्तांग की skin को पीछे कर के देखता है कि कोई बीमारी तो नहीं है, उसके बाद दोनों गोलियों को भी चैक करता है  और पीछे झुकने के लिेेये भी बोलता है और आपका पिछवाड़ा चैक करता है कि कहीं आपको बवासीर या अन्य बीमारियां तो नहं है। इसमें जो बीमारियां होती हैं  उनको नोट कर लेता है और आपको कपड़े पहनने के लिये बोले देता है। इतना काम में मात्र 2 या तीन मिनट लगते हैं और आपका टेस्ट हो जाता है। उसके बाद डॉक्टर अकेले में बुलाकर आपको उस बीमारी के बारे में बताता है तथा राय भी देता है कि आप इसका इलाज करवायें। यदि आपको इसमें रिजेक्ट किया जाता है तो आप अपील कर सकते हैं।

 

अगर CRPF HEAD CONSTABLE MINISTERIAL MEDICAL में रिजेक्ट हो जायें तो क्या करें ?

यदि आप CRPF Head Constable Ministerial Medical में रिजेक्ट कर दिये जाते हैं तो कोई बात नहीं, आपको एक मौका और दिया जाता है जिसमें आप अपनी बीमारी के अगेन्ट में अपील कर सकते हैं यह इसलिये होता है कि हो सकता है कि आपकी बीमारी सही हो या जो डॉक्टर चैक कर रहा है वही गलत हो इसलिये आपको एक मौका अपील का दिया जाता है। इसमें आपको एक फॉर्म भरना होता है यह फार्म आपको वहीं पर मिलेगा जिस डॉक्टर ने आपको रिजेक्ट किया है। उसके बाद आपको लगभग एक महीने का समय दे दिया जाता है जिसमें आपको अपनी बीमारी सही करवाकर उसी चिकित्साअधिकारी से हस्क्षार करवाकर वापस सी.आर.पी.एफ में आना होगा जिस डॉक्टर ने आपकी बीमारी का इलाज किया है। इस संबंध में वह डॉक्टर जो आपका इलाज करेगा एक फिटनेस प्रमाण पत्र भी देगा जिसमें लिखा होगा कि आपकी बीमारी बिल्कुल ठीक हो चुकी है औऱ आप एक दम फिट हैं। यह प्रमाण पत्र आपको पुनः सी.आर.पी.एफ में जमा करवाना होता है उसके बाद आपको एक  रीमेडीकल की दिनांक दे दी जाती है जिसमें आपको मेडीकल के लिये दुबारा बुलाया जायेगा और वहां पर आपका फिर से मेडीकल होगा और वहां के डॉक्टरों को लगता है कि आपकी बीमारी वास्तव में ठीक है और आप सी.आर.पी.एफ में कार्य करने के योग्य हैं तो वह डॉक्टर भी आपको फिट कर देता है।


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