CRPF HEAD CONSTABLE MINISTERIAL TRAINING

दोस्तों आप सभी लोगों के मन में यह बात एक बार जरूर आयी होगी कि आखिर CRPF Head Constable Ministerial Training ट्रेनिंग कैसी होती है और ट्रेनिंग में क्या क्या कराया जाता है तो दोस्तों आज यही बताने के लिये मैंने आज इस ब्लॉग को लिखा है।

CRPF HC Ministerial Training कहां होगी ?

दोस्तों सी.आर.पी.एफ में Head Constable Training पहले तीन महीनों की होती थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5 से 6 महीने तक कर दिया गया है। इसकी ट्रेनिंग सेक्टर वाइज होती है। सी.आर.पी.एफ को बहुत सारे सेक्टर में विभाजित किया गया है जैसे मध्य सेक्टर, बिहार सेक्टर, जम्मू एवं कश्मीर सेक्टर, झारखण्ड सेक्टर, राजस्थान सेक्टर आदि। आपके साथ जितने भी लोग ज्वाइन करेंगे उनका एक ग्रप बनाया जायेगा लगभग 200 या 300 लोगों का, फिर उनको एक ट्रेनिंग इस्टीट्यूट भेजा जायेगा। सी.आर.पी.एफ में बहुत सारे ट्रेनिंग सेन्टर होते हैं जिनका विवरण निम्न प्रकार है-

01. Internal Security Academy

  • Internal Security Acedamy,Mount Abu, Rajasthan

02. CRPF Academy

  • Central Reserve Police Force Acedamy,Kadarpur Gurgaon – Haryana

03. Central Training Collage (CTC)

  •       CTC-1.Neemuch, Madhya Pradesh
  •       CTC -2 Coimbture,Tamilnadu
  •       CTC-3 Nanded, Maharastra
  •       CTC-4 Gwalior, Madhya Pradesh
  •       CTC(T&IT)-Ranchi, Jharkhand

04. Recruit Training Center (RTC)

  •        RTC Neemuch, Madhya Pradesh
  •        RTC,Avadi,Tamilnadu
  •        RTC Peringome,Kerela.
  •        RTC Rajgir, Bihar
  •        RTC Latur, Maharastra.
  •        RTC srinagar Jammu & Kashmir.
  •        RTC Jodhpur, Rajasthan
  •        RTC Amethi, Uttar Pradesh

05. CIT Banglore

  •       College of Information Technology Banglore,Karnatka

06. CIAT  (Counter Insurgency and Anti Terrorism School )

  •       CIAT-Silcher, Assam
  •       CIAT-Shivpuri, Madhya Pradesh
  •       CIAT-Chittoor, Andhra Pradesh

07.  IIM Pune

  •        Institute of IED Management, Pune, Maharastra

08. Dog Breeding and Training School

  •         DB&TS,Taralu

इसमें CRPF HCM की ट्रेनिंग CTC या RTC में होती है । ऊपर जो अन्य ट्रेनिंग सेन्टर दर्शाये गये हैं उनमें अलग अलग पोस्ट के हिसाब से ट्रेनिंग होती है, फिलहाल हम CRPF HC (Min) के बारे में बात करते हैं। इसकी ट्रेनिंग पहले ग्रुप सेन्टर में ही करवायी जाती थी लेकिन अब नहीं होती है अब इसकी ट्रेनिंग सी.टी.सी या आर.टी.सी में ही करायी जाती है।

CRPF HCM TRAINING में क्या क्या करवाया जाता है ?

ट्रेनिंग के पहले दिन आपको सुबह 3 बजे या 4 बजे उठना होगा वह ट्रेनियों की संख्या के ऊपर निर्भर करता है अगर ट्रेनियों की संख्या ज्यादा है मतलब लगभग 200 के करीब है तो आपको सुबह 3 बजे उठना होगा और यदि 80-90 है तो चार बजे चलेगा क्योंकि सबको फ्रेश होने में टाइम लगता है। उसके बाद आप नहा धोकर फील्ड में आ जायेंगे । ट्रेनिंग सेन्टर का एक बहुत बड़ा फील्ड होता है वहां पर सारी ट्रेनिंग करायी जाती है। फील्ड में आने के बाद आपको अपना एरिया जहां पर आपको लैक्चर दिया जाता है उस जगह को D बोलते हैं वहां आपको झााडू लगाना होता है और सारी गंदगी साफ करके पोंछा लगाना होता है, तब तक 5 बज जाते हैं उसके बाद मार्का लगता है मार्का क्या होता है- ट्रेनिंग में आये हुए सभी लोगों का ग्रुप और संबंधित ट्रेनिंग सेंटर के अधिकारी, कर्मचारी सुबह एक साथ खड़े होते हैं वहां पर कुछ कार्य बताये जाते हैं उसे मार्का कहते हैं। मार्का के बाद आपसे रनिंग करायी जायेगी। रनिंग शुरूआत में थोड़ी थोड़ी करायेंगे जैसे एक किलोमीटर या 2 किलोमीटर फिर धीरे धीरे इस बडा़कर 16 किलोमीटर तक पहुंचा दिया जाता है। बॉडी वार्मअप होने के बाद आपसे पीटी करायी जायेगी, पीटी के दो पीरियड होते हैं एक पीरियड का टाइम 40 मिनट होता है यानि कि 80 मिनट के दो पीरियड होंगे उसमें आपका पूरा तेल निकाल दिया जायेगा आप पसीन पसीना हो जायेंगे और आपको पानी नहीं पीने दिया जायेगा। उसके बाद आधे घण्टे का ब्रेकफास्ट टाइम होता है उस आधे घंटे में आपको खाना खाकर और वर्दी पहनकर फिर फील्ड में आना होगा औऱ जो पीटी और रनिंग होती है वह वर्दी में नहीं होती है उसके लिये अलग ड्रेस बनायी गयी है जिसे हम पीटी ड्रेस बोलते हैं। नाश्ता करके जब आप फिर से फील्ड में आयेंगे तब आपकी परेड से संबंधित चीजें सिखायी जायेंगी कि कैसे चलते हैं, सलामी कैसे लगाते हैं, सैल्यूट कैसे करते हैं, यह सब कुछ सिखाया जाता है लगभग 2 महीने तक यही चलेगा फिर उसके बाद हथियार की क्लास चलती है कि रायफल को कैसे खोलते हैं, फायर कैसे करते हैं, बम कैसे फेंकते हैं आदि। उसके बाद आपको 9 बजे Rules and Regulations, CRPF Act and Rules, आदि के बारे में पढ़ाया जायेगा लेकिन ये क्लास आपकी फील्ड में नहीं लगती है इसके लिये एक बड़ा हॉल होता है जिसमें सभी जवानों को फील्ड से दौड़कर जाना होता है और वहां पर बैठना होता है वहां पर फिर Rules and Regulations के बारे में पढ़ाया जाता है। इस क्लास में आपको ऑफिस से संबंधित जानकारी दी जाती है कि सिग्नल कैसे बनाते हैं, डाक को कैसे रिसीव करते हैं, डाक को उच्च कार्यालय मे कैसे भेजते हैं, लैटर कैसे बनाते हैं, उच्च कार्यालयों से कैसे पत्राचार किया जाता है, आदि ऑफिस से संबंधित सारी चीजें सिखायी जाती हैं। उसके बाद आपका 1 बजे लंच हो जाता है फिर आपको दौड़कर मैस में जाना होता है वहां पर सिर्फ एक घंटे का समय दिया जाता है कि आप खाना खाकर पांच दस मिनट आराम करके फिर उसी हॉल में जाना होता है, फिर वही पढ़ाई शाम के साढ़े पांच बजे तक चलती है। उसके बाद आपको फिर फील्ड में आना होता है वहां पर रोलकाल होता है, जहां पर आपका ट्रेनिंग इंचार्ज रोज नयी नयी बक्चोदी करेगा औऱ एक दो घंटे तक पकायेगा फिर शाम को 7 बजे तक आपको फील्ड में ही टाइमपास करना होगा कहीं घास काटना होगा, कहीं साफ सफाई करना होगा आदि। उसके बाद आपको बोला जायेगा कि अब आप लोग जा सकते हैं फिर आप सुबह तीन बजे के जगे हुए पूरे दिन के थके हारे वापस अपनी बैरक में आते हैं, नहाते हैं कपड़े आदि धोते हैं फिऱ खाना खाने मैस में चले जाते हैं तब तक लगभग 8 बज जाता है।

Night Checking during  Role-Call :

उसके बाद फिर चैक रोलकाल होता है वह इसलिये होता है कि कहीं कोई लड़का भाग तो नहीं गया है इसलिये रात के वक्त किसी भी समय चैक रोलकाल किया जा सकता है। ट्रेनिंग का पूरा मजा तो इसी वक्त आता है जब चैक रोलकाल होता है, ट्रेनिंग इंचार्ज आपकी बैरक के बाहर आकर एक सीटी मारेगा और सारे लड़के एक बार में ही सीढ़ियों से खड़बढाते हुए सीध बैरक के बाहर लाइन बनाकर खड़े हो जाते हैं, फिर वहां पर पूरे लड़को की गिनती करेगा और कोई अगर कम हो गया तो उसका पूंछा जायेगा कि वह कहां गया तो कोई बोलेगा कि खाना खाने गया है फिर वह गालियां देगा और उसको बुलवाएगा फिर उसको बोलेगा कि कहां गया था, सर खाना खा रहा था, इतना टाइम लगता है खाना खाने में चल यहां से दौडकर जायेगा और पूरे ग्राउण्ड का चक्कर मारकर जल्दी आयेगा, इतना बोलकर फिर लैक्चर देना शुरू करता है थोडी दर तक लैक्चर देगा आपको बता दूं कि यहां पर गाली गलौच वाली भाषा भी प्रयोग की जाती है , लेकिन इस समय मजा बहुत आता है, फिर लड़को को वहीं बैठा लेगा फिर एक एक करके बोलेगा कि कुछ सुनाओ किसी को चुटकला आता है वेज नोनवेज जैसा भी आता हो , यही समय होता है जहां ट्रेनिंग का सबसे ज्यादा मजा आता है कोई लड़का गाना सुनाएगा, कोई चुटकला सुनायेगा, किसी की खिचाई करेगा, कोई गर्लफ्रेंड की बात बतायेगा, कोई सैक्स की बात करेगा, बहुत मजा आता है कब 11-12 बज जाता है पता ही नहीं चलता। फिर आपको बोलेगा कि चलिये सुबह जल्दी उठकर फील्ड में आना है तब आपको छोड़ा जाता है सोने के लिये, यहां भी अपने आप को फ्री मत समझिये रात में फिर कभी भी सीटी बज सकती है और आपको आना होगा अगर आप नहीं आ पाते हैं तो आपको सजा दे दी जायेगी और फोर्स में बहुत सजायें होती हैं, जिसको लिखित में वर्णित नहीं किया  जा सकता। फिर से वही सुबह 3 बजे से उठना औऱ रोज की तरह वही दैनिक काम करने होते हैं, ऐसे ही पूरी ट्रेनिंग बीत जाती है। शुरूआत में हमें ट्रेेनिंग में बहुत बेकार लगता है लेकिन जब हमारी ट्रेनिंग का समय पूर्ण होता जाता है तो दोस्तों से बिछड़ने से आंख नम हो जाती है। मुझे पता है ट्रेनिंग के दोस्तों को कैसे भुला सकता हूं आज भी वह दिन याद करता हूं तो खुशी से आंखें भर आती हैं क्योंकि मंत्रालय विभाग में ट्रेनिंग करने का केवल एक ही मौका मिलता है।

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जय हिंद

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