Life of CRPF HC Ministerial in Battalion

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Life of CRPF HC Ministerial in Battalion

LIFE OF HC MINISTERIAL IN BATTALION

Life of CRPF HC Ministerial in Battalion : दोस्तों CRPF में बटालियन में हवलदार मंत्रालय की लाईफ कैसी होती है, वहां लोग कैसे रहते हैं और कितने बजे ऑफिस जाते हैं ऐसे ही बहुत सारे प्रश्नों के जबाव आपके लिये लाया हूं। ऑफिस खुलने का टाइम सरकार की तरफ से निर्धारित किया गया है वह सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर 1 बजे तक उसके बाद दोहपहर 02 बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक लेकिन बटालियन में ऑफिस की टाइमिंग वहां के स्टाफ पर भी निर्भर करती है।

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अगर बटालियन का कमाण्डेंट चाहे तो सभी लोगों को इसी टाइम पर ऑफिस आने के लिये निर्देशित करे जो टाइम सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है लेकिन ज्यादातर बटालियन में ऑफिस की टाइमिंग सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर 1 बजे या 2 बजे तक होती है उसके बाद लंच होता है फिर शाम को 4 बजे या 5 बजे ऑफिस खुलता है और रात 8-9-10 बजे तक ऑफिस में ही रहते हैं। वहां पर खाना टिफिन में रख लिया जाता है या आप मैस में भी खा सकते हैं।

बटालियन में भी ऑफिस सुबह साढ़े नौ बजे से खुलता है और दोपहर एक बजे तक चलता है। 01 बजे लंच हो जाता है फिर 4-5 बजे फिर ऑफिस में आना होता है और रात आठ या नौ बजे तक ऑफिस चलता है। दिन में  कम से कम 03 घंटे का समय मिलता है जिसमें आप खाना खाकर आराम कर सकते हैं।

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Life of CRPF HC Ministerial in Battalion : हवलदार मंत्रालय की दैनिक लाईफ बटालियन में कैसी होती है। बटालियन में यदि कमाणडेंट अच्छा है तो आपको कोई परेशानी नहीं होगी। बटालियन में ऑफिस में काम ग्रुप सेंटर की तुलना में थोड़ा ज्यादा रहता है। इसलिये ऑफिस का हैड क्लर्क और अन्य अधिकारी आपको ज्यादा परेशान नहीं करते हैं। यदि आप अपना काम समय पर करते हैं तो आपको कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। बटालियन में परेड नहीं होती है लेकिन कमाण्डेंट चाहे तो मंत्रालय विभाग के कार्मिकों से भी परेड करवा सकता है लेकिन कमाण्डेंट परेड नहीं करवाता है क्योंकि वहां ऑफिस में काम ज्यादा रहता है देर रात तक कर्मचारी ऑफिस में ही रहते हैं।

सुबह कितने बजे उठना पड़ता है ? 

वैसे तो सभी लोगों का सुबह उठने का अपना टाइम होता है कोई सुबह 5 बजे उठ जाता है तो कोई 9 बजे तक सोता रहता है। बटालियन में आपको साढ़ें नौ बजे तक कोई कुछ बोलने वाला नहीं होता है आपको करेक्ट साढ़े नौ बजे ऑफिस में पहुंचना होता है यदि आप थोड़े से लेट भी हो जाते हैं तो चल जाता है लेकिन ग्रुप सेंटर में नहीं चलता है। अगर बटालियन का हैड क्लर्क अच्छा है तो आप लेट भी हुए तो वह आपसे कुछ नहीं बोलेगा। ज्यादातर लोग 7 या 8 बजे तक उठ जाते हैं क्योंकि आजकल के लोग मोबाईल में ही 12 या 1 बजे तक लगे रहते हैं तो रात में लेट सोते हैं और फिर सुबह लेट तक उठते हैं। सुबह उठने के बाद दैनिक क्रियांयें करके आप साढ़े नौ बजे ऑफिस में पहुंच जाते हैं फिर ऑफिस में आपको दिये गये कार्यों को करना होता है।

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 ऑफिस में कितने बजे तक बैठना पड़ता है ?

बटालियन में यदि आपके पास काम ज्यादा है तो यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप काम को कितने समय में निपटा पाते हैं। यदि आपको लगता है कि काम ज्यादा अर्जेन्ट है तो आप साढ़े पांच बजने के बाद भी ऑफिस में बैठ सकते हैं । रात में कितने बजे तक भी बैठो कोई कुछ नहीं पूंछने आयेगा। इसलिये जिन लोगों को ज्यादा काम रहता है वह 8 -9-10 बजे तक ऑफिस में बैठते हैं उसके बाद अपने रूम में चले जाते हैं।

Life of CRPF HC Ministerial in Battalion

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 बटालियन में लाईफ थोड़ी अलग रहती है क्योंकि वहां पर आपकी फैमिली आपके साथ नहीं होती है। बटालियन में आपको अकेले ही रहना होता है। सी.आर.पी.एफ में लगभग 230 बटालियन से ज्यादा बटालियन हैं जो कि भारत के अलग अलग राज्यों में तैनात हैं और अपनी ड्यूटी अच्छी प्रकार से कर रही हैं। कुछ बटालियन में सारी व्यवस्थायें होती हैं जैसे कि पानी, बिजली, बाथरूम आदि लेकिन कुछ बटालियन जो कि हार्ड एरिया में तैनात होती हैं उनमें बिजली पानी की उचित व्यवस्था नहीं होती है जिसके लिये कोई न कोई जुगाड़ निकाल कर काम चलाना पड़ता है।

 Life of CRPF HC Ministerial in Battalion : क्या बटालियन में कैम्पस के बाहर जा सकते हैं ?

जो बटालियन हार्ड एरिया जैसे श्रीनगर, छत्तीसगढ़ में तैनात होती हैं उनमें आप बाहर नहीं जा सकते हैं क्योंकि बाहर जाने से जान का खतरा रहता है। आप बटालियन में साढ़े पांच बजे के बाद गेम्स बगैरह खेल सकते हैं जैसे फुटबाल, टैनिस, बैडमिंटन, क्रिकेट, आदि, लेकिन आप बाहर नहीं जा सकते। बटालियन में आपको कैम्पस के अन्दर ही रहना पड़ता है। यदि आपका मन बाहर जाने का कर रहा है तो आप जा सकते हैं लेकिन थोड़े चौकन्ने होकर और ज्यादा दूर तक नहीं। कैम्पस एरिया के आस पास ही जा सकते हैं। कुछ बटालियन सॉफ्ट एरिया में तैनात होती हैं वहां पर आप बटालियन कैम्पस के बाहर जा सकते हैं।

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Life of CRPF HC Ministerial in Battalion : 

फिर सुबह साढ़े नौ बजे से ऑफिस। बस यही चलता रहता है और फिर दो साल बाद ट्रांसफर हो जाता है। दोस्तों सी.आर.पी.एफ की बटालियन में लाइफ जीने का अलग ही मजा होता है। जब भी कोई त्यौहार होता है जैसे कि होली तब सबसे ज्यादा मजा आपको बटालियन में ही आता है। त्यौहारों का मजा आपको ग्रुप सेंटर में नहीं मिलेगा। ग्रुप सेंटर में सभी लोग अपने परिवार के साथ त्यौहार मनाते हैं लेकिन बटालियन में परिवार तो आपका दूर दूर तक नहीं होता है वहां पर आप अकेले होते हैं और सारे जवान साथ में होते हैं, बस जब तक आप बटालियन में हो वही आपका परिवार है। दोस्तों बटालियन में लाइफ जीने का अलग ही मजा है।

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आपको यह पोस्ट कैसी लगी यदि आपको कोई प्रश्न है तो आप पूंछ सकते हैं नीचे कमेंट बॉक्स में अपना प्रश्न टाइप कीजिये मैं उसका जबाव देने की कोशिश करूंगा।

जय हिंद।

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